अहो मन भजो गणपति महराज…. लक्ष्मण मस्तुरिया के गीत ल चंदैनी गोंदा के कलाकार मन प्रस्तुत करत हें-
(मूल गायन – लक्ष्मण मस्तुरिया और साथी)
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